Home Aap ki Kalam Cheerleader: चीयर गर्ल्स “नारी अपमान”

Cheerleader: चीयर गर्ल्स “नारी अपमान”

233
0
cheerleaders
google

नारी अपमान। खेल में चीयर गर्ल्स का चीयर अप तो आप सब ने देखा ही है। देख के आप को क्या लगता है..कुछ न कुछ चित्र चीयर गर्ल्स उभर कर सामने आता होगा क्या आपको नही लगता की चीयर गर्ल्स को जिस पारीधान में और जिस तरह से दिखाया जाता है वह एक प्रकार से औरत के आत्मगौरव के लिए प्रश्नचिह्न है ?

चीयर गर्ल्स भारत का नारी के प्रति कामुक सोंच को व्यक्त करती है । उनकी भावभंगीमा और अंग प्रदर्शन नारी की आत्मसम्मन के विरुद्ध है ।

भारत जैसे सांस्कृतिक विरासत वाले देश में फिल्मो में किताबो में विज्ञापनो के किरदारों में नारी को इस कददर भोग विषय बना कर प्रस्तुत किया जाता है की जैसे वो जानवर से भी बत्तर है ।फिल्मी ग्लैमरस का असर है की क्रिकेट जैसे खेल में भी उनके आबरू की नुमाइन्दगी की जाती है उस देश में जहां “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” जैसे वेदोच्चार होता है । किस काम का है ये नारी महिमा मंडन ?

google

आज देश का कोई धर्मगुरु, राजनेता और अपने आप को औरतों का रहनुमा कहने वाला नही बोल रहा की यह धर्म के या कानून के खिलाफ है क्या खुद सामाजिक कार्यकर्त्ता नारियों आवाज बुलंद नही करनी चाहिए ?
नारी सशक्तिकरण कैसे हो जब स्वयं नारी ही अपने आत्मसम्मान की रक्षा को तत्पर नही ।कौन अस्त्र उठाये उसके लिए जब उसके अपने ही हाथ नही उठ रहे हैं ।
चीयर गर्ल्स का ऐसा परिधान और प्रस्तुति दोनों ही नारी सम्मान के खिलाफ है अपमान हैं ।

Writer: ✍️श्री निवास द्विवेदी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here