Home Aap ki Kalam हॉस्टल की भटकती आत्मा:Haunted Hostel

हॉस्टल की भटकती आत्मा:Haunted Hostel

देखो बहन मैं तुम्हारे साथ अपना रूम नहीं शेयर कर पाऊंगी तुम वॉर्डन को बोलकर दूसरा रूम देख लो…ये कहते हुए सपना बाथरूम में चली गई… कंधे पर बैग और हाथ में एक ट्रॉली बैग लिए मेघा वहीं खड़ी थी उसे समझ में नहीं आ रहा था कि अब वो क्या करे…उधर हॉस्टल में लड़कियां उसे ऐसे घूर रहीं थी जैसे किसी चिड़ियाघर में नया जानवर आया हो…

मेघा पहली बार गांव से शहर पढ़ने आई थी…कॉलेज में एडमिशन कराने के दौरान ही उसने यहां के हॉस्टल की भी फीस भर दी क्योंकि बाहर के मुकाबले यहां हॉस्टल की फीस सस्ती थी…उसे सपना के साथ कमरा शेयर करना था लेकिन उसने साफ मना कर दिया…

सामान रखकर मेघा वॉर्डन के पास गई और उनसे रिक्वेस्ट की कि कोई सिंगल बेड वाला कमरा हो तो दे दो…

हां एक कमरा है लेकिन उसमें कोई रहना नहीं चाहता…वॉर्डन बोली

क्यों? मेघा ने सवाल किया

अरे कई साल पहले एक लड़की ने उसी में सुसाइड कर लिया था तब से कोई उसमें जाना नहीं चाहता है…मुझे तो लगता है कि लड़कियां उसमें चोरी-छिपे हीटर जलाकर खाना बनाती हैं इसीलिए उन्होंने ये अफवाह फैला दी है….वॉर्डन शक करते हुए बोली।

तो आप मुझे वही कमरा दे दीजिए…मेघा खुशी से बोली…

वॉर्डन ने कहा ठीक है मैं उसकी सफाई करा देती हूं तबतक तुम कॉलेज की कैंटीन में बैठ सकती हो…

ये हॉस्टल कॉलेज के अंदर ही था और खाना कैंटीन में ही मिलता था…

मेघा कैंटीन में गई और वहां उसने खाने का एडवांस भी जमा कर दिया…

वो कैंटीन में बैठकर कॉफी पी रही थी…तभी कुछ लड़कियां आई और बोली कि वॉर्डन मैम ने कहा है कि तुम अब रूम में जा सकती हो…

मेघा वहां से उठी और हॉस्टल की तरफ चल दी…

हॉस्टल में अभी भी सब उसे घूर ही रहे थे और आपस में खुसफुस भी कर रहे थे…वो जैसे ही अपने रूम में घुसी वैसे ही एक लड़की ने आकर कहा…तुम्हें यही कमरा मिला था क्या?…तुम्हें किसी ने इसके बारे में बताया नहीं?

वॉर्डन ने बताया है सब मेघा बेफिक्री से बोली…

तब भी तुम यहां रहने आ गई…बड़ी बहादुर हो, ये कहते हुए वो कमरे से बाहर निकल गई।

मेघा अपने कपड़े बैग से निकाल कर अलमारी में रख रही थी तभी एक और लड़की ने कमरे में प्रवेश किया…

तुम्हे पता है उसने सुसाइड क्यों किया था? उसने मेघा से पूछा

नहीं ये तो मुझे किसी ने बताया ही नहीं, और तुमने तो अपना नाम भी नहीं बताया मेघा मुस्कुराते हुए बोली।

ओह सॉरी मैं रिया…तुम मेघा राइट…रिया बोली,

मेघा ने मुस्कुराते हुए अपना सिर हिलाया…

अच्छा तो बताओ कि उसने सुसाइड क्यों किया था मेघा ने उत्सुकता से पूछा…

तुम्हारी तरह कामिनी भी नई-नई इस रूम में आई थी…उस समय यहां बहुत रैगिंग होती थी…सीनियर्स सारी हदें पार करके रैगिंग करती थी…कामिनी रैगिंग से परेशान हो चुकी थी तो उसने इसकी शिकायत वॉर्डन से कर दी…वॉर्डन ने उन लड़कियों को डांटा और उनके घर पर बता दिया जिसकी वजह से उन्हें फाइन भी देना पड़ा था…

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इसी खुन्नस में उन लोगों ने एक रात सभी लड़कियों को हॉस्टल के पार्क में इक्ठ्ठा किया…और सारी जूनियर्स और सीनियर्स के सामने कामिनी को कपड़े उतारने को कहा…जब कामिनी ने इसका विरोध किया तो उन्होंने खुद उसके कपड़े उताकर उसकी फोटो सोशल मीडिया पर डाल दी…दूसरे दिन जब कॉलेज में ये बात फैली तो उन लड़कियों को कॉलेज से निकाल दिया गया…सब कामिनी को देखकर हंसते थे लड़के उसका मजाक उड़ाने लगे थे, कभी-कभी तो वो उससे अश्लील शब्द भी कहते थे…

इन सब से कामिनी एकदम टूट चुकी थी और एक दिन उसने इसी कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी…

ये सब सुनकर मेघा के आंसू निकल आए वो बस इतना बोली कि क्या बीती होगी बेचारी के दिल पर…

तुम चाहो तो अभी भी रूम चेंज कर सकती हो…रिया ने मेघा को सलाह दी..

नहीं में यहीं सही हूं…और थोड़ा रेस्ट करना चाहती हूं मेघा बोली,

किसी चीज की जरूरत हो तो बोल देना कहते हुआ रिया कमरे से बाहर चली गई…

बचाओ…कोई मुझे बचाओ चिल्लाते हुए मेघा चारों तरफ भाग रही थी, लेकिन ऐसा लग रहा था कि कोई उसे सुन ही नहीं रहा हो…वो फिर से अपने कमरे में आई और उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया…उसने कमरे की लाइट जलाई तो उसकी चीख निकल गई…कमरे के पंखे पर मेघा का शरीर लटक रहा था ऐसा लग रहा था कि उसने फांसी लगा ली हो…पंखे पर खुद को देख मेघा चीख उठी…

ओफ्फो तो ये सपना था मेघा उठते हुए बोली…पसीने से तर-बतर मेघा ने बाथरूम में जाकर मुंह धुला और फिर डिनर के लिए कैंटीन चली गई…कैंटीन में फिर से उसे रिया मिली और मेघा के बगल में ही आकर बैठ गई…

जानती हो कल हॉस्टल में फ्रेशर पार्टी है और ड्रेस कोड है साड़ी…रिया खुश होकर बोली।

अरे वाह मेघा की आंखों में चमक आ गई क्योंकि शहर में ये उसकी पहली पार्टी होती।

खाना खाने के बाद वो वापस हॉस्टल में चली गई…अरे ये क्या कमरे की लाइट ऐसे रुक-रुककर क्यों जल रही है…मेघा बोली…

अगर तुम चाहो तो मेरे कमरे में सो सकती है रिया ने कहा…

नो थैंक्स एक स्माइल के साथ मेघा ने रिया को कहा और गुड नाइट बोलकर दरवाजा बंद कर लिया…

शायद बहुत थक गई थी इसीलिए बिस्तर पर पड़ते ही मेघा को नींद आ गई…

अलार्म के साथ ही सुबह मेघा की नींद खुली…देखा भूत-वूत सब बकवास था बोलते हुए मेघा बाथरूम में चली गई…

मेघा नहा ही रही थी कि उसे लगा कि कोई उसके कमरे में घुसा है…कमरे का दरवाजा तो मैंने खुद ही बंद किया था सोचते हुए मेघा नहाने के बाद बाहर निकली…

ये किसने किया मेघा जौर से चिल्लाई…उसकी अल्मारी का सारा सामान नीचे बिखरा पड़ा था…उसे लगा कि किसी की शरारत है ये लेकिन कमरे का दरवाजा अभी भी अंदर से बंद था…

मेघा समझ नहीं पा रही थी कि ये सब किया किसने है…

उसे क्लास के लिए देर हो रही थी इसीलिए वो सामान वैसे ही छोड़कर तैयार होने लगी…

क्लास के लिए वो अपने कमरे से निकली तो फिर से उसे रिया मिल गई मानों वो उसी का इंतजार कर रही हो।

क्या बात है कुछ परेशान सी लग रही हो? रिया ने मेघा से पूछा

कुछ नहीं बस ऐसे ही बोलकर दोनों साथ ही क्लास के लिए हॉस्टल से निकल लिए…

सारी क्लास खत्म हो चुकी थी इधर हॉस्टल में फ्रेशर पार्टी की तैयारियां चल रही थी…पार्क में डी.जे लगाया गया था रंगबिरंगी लाइट्स और खाने का स्टॉल देखकर किसी के भी मुंह में पानी आ जाए… सीनियर्स तैयार हो चुकीं थी…मेघा को देखकर वो बोलीं तुम भी जल्दी से तैयार हो जाओ फिर कुछ गेम भी शुरू करेंगे।

मेघा कमरे में गई दरवाजा अंदर से बंद किया और हाथ मुंह धोकर तैयार होने लगी…डी.जे पर तेज साउंड में गाने बजने शुरू हो गए थे…आवाज सुनकर मेघा और जल्दी तैयार होने लगी…

अरे ये कमरे की लाइट किसने बंद कर दी…मेघा बोली…मेघा ने खिड़की से झांककर देखा तो सिर्फ उसी के कमरे की बिजली गायब थी…मेघा ने फोन का फ्लेश जलाया और कमरे का दरवाजा खोल बाहर जाने लगी…अरे ये दरवाजा क्यों नहीं खुल रहा…मेघा जोर-जोर से दरवाजा खटखटाने लगी तभी उसे लगा कि कमरे में उसके अलावा कोई और भी है…क..क..क..क.कौन हैं वहां…मेघा ने कांपती आवाज में पूछा…

लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया…वो और जोर-जोर से दरवाजा खटखटाने लगी और साथ में चिल्लाए भी जा रही थी…लेकिन शायद डी.जे की वजह से उसकी आवाज कोई सुन नहीं पा रहा था…वो फोन का फ्लेश जलाकर बाथरूम में भागी और अंदर से बंद कर लिया…उसने पीछे मुड़कर देखा तो वहां कोई खड़ा था उसने चैहरे पर रोशनी डाली तो उसकी सुर्ख लाल आंखे देखकर वो वहां से चिल्लाकर वापस कमरे में भागी…वो फिर से दरवाजा खटखटाए जा रही थी…

तभी किसी ने उसका पैर पकड़ उसे अपनी तरफ खींचा और जो साड़ी उसने पहन रखी थी उसी के आंचल से उसका गला बांध दिया…अगले ही पल मेघा पंखे पर लटकी हुई थी…

अपनी जान बचाने के लिए वो तड़प रही थी…अब उसके कमरे में लाइट भी जल रही थी और सामने खड़ी थी एक लड़की जिसे उसने पहले कभी नहीं देखा था…मेघा अपने हाथों से गर्दन में बंधी साड़ी को पकड़कर उसे धीला करना चाहती थी जिससे वो थोड़ी सांस ले सके लेकिन वो बिल्कुल असमर्थ थी वहीं उसके सामने खड़ी वो लड़की उसे देखकर मुस्कुरा रही थी…धीरे-धीरे मेघा की सांसे थम रही थी उसके हाथ पैर सुन्न पड़ गए थे वो समझ चुकी थी कि अब उसका जिंदा रहना मुश्किल है…उसने हाथ पैर चलाने छोड़ दिए और खुद को मौत के हवाले कर दिया…

बहुत देर बाद जब मेघा पार्टी में नहीं पहुंची तो रिया उसे बुलाने आई…बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी जब मेघा ने दरवाजा नहीं खोला तो उसे चिंता होने लगी और वो गार्ड को बुलाकर लाई…गार्ड ने दरवाजा खोला तो सभी की चीख निकल गई…कई साल पहले जिस तरह से कामिनी की लाश पंखे से लटकी हुई मिली थी बिल्कुल उसी तरह अब मेघा की लाश पंखे पर लटक रही थी।

Writer: akanksha singh

(ये कहानी काल्पनिक है इसका जीवित या मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं हैं…)

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