Home Aap ki Kalam मैं तुझसे बहुत प्यार करती हूं, बस इकरार से जरा डरती हूं...

मैं तुझसे बहुत प्यार करती हूं, बस इकरार से जरा डरती हूं ।

तुझे देख… देख… सोना

तुझे देख कर है जगना

सिर्फ गाना नहीं, यह हाल-ए-दिल है मेरा

मैं तुझसे बहुत प्यार करती हूं, बस इकरार से जरा डरती हूं ।

मैं तेरे बिना अधूरी हूं … तेरे साथ ही जानम मैं पूरी हूं ।

सुबह उठती हूं… तो सबसे पहले तेरा ख्याल आता है मुझे ।

भगवान कसम, मेरी ये नटखट नजरें बिस्तर से उठते ही तेरी तलाश में निकल जाती हैं ।

तू दिखे तो ये चहक जाती हैं… न दिखे तो निराश होकर वापस चली आती हैं

तूझे देखती हूं ना, तो बस देखती ही रह जाती हूं

ये तेरा प्यार ही तो है पगले, जो तुझसे एक दिन भी दूर रहना किसी मुद्दत से कम नहीं लगता ।

तुझे देखती हूं तो तुझमें मेरा अक्श नजर आता है

घर से निकलते ही तेरी चिंता सताने लगती है मुझे कि कहीं तेरा नाजुक बदन को किसी ठोकर से जख्म ना लग जाए, तुझपर कोई आंच ना आ जाए

रोजाना तैयार होकर तेरे सामने आना… तू ही तो है जो मेरी तारीफ के पुल बांध देता है या मेरी कमियों को झट से बता देता है

मेरी लिपस्टिक से लेकर काजल तक हर चीज पर तेरी पैनी नजर होती है, मुझे पता है कि मैं जब तेरे आसपास होती हूं तो तेरी भी खुशी दोगुनी हो जाती है ।

मेरे चेहरे पर एक पिंपल भी बर्दाश्त नहीं होता तुझसे…

फौरन शिकायत करने लगता है मुझसे…

एक तू ही तो है जिसे मेरी थकान, तुरंत दिख जाती है…

लेकिन अब उदास हूं मैं, जब से तुझसे दूर हुई हूं

अभी भी मेरी नजरें तुझे तलाशने निकलती हैं, लेकिन क्या बताऊं तुझे ना देख वो कितने आंसू रोती हैं,

तेरी कमी बड़ी खलती है यार

तुझसे दूर होने के बाद सजना संवरना तो जैसे भूल ही गई हूं मैं

मेरे चेहरे का सूनापन देख, ऑफिस में भी अब तुम्हारे बारे में पूंछने लगे हैं

मेरी चुटकी लेने लगे हैं कि कहीं अलग तो नहीं हो गया वो…

क्या जवाब दूं अब उन्हें… कि कैसे दूर हो गए तुम

मेरा प्यार तेरे लिए ना कम हुआ और ना होगा

बस चलता तो पूरी जिन्दगी साथ रखती तुझे

लेकिन पुराने लैंडलॉर्ड की अमानत थे ना तुम, तो कैसे ले जाती अपने साथ

दिन में सैंकड़ों बार मुझे तेरी याद आती है, शायद कमबख्त मेरी किस्मत में नहीं है तू…

तो क्या हुआ तेरे जैसा ही हू-ब-हू दूसरा ढ़ूंढ कर लाउंगी

जैसा रिश्ता तेरे साथ था ना मेरा… उसके साथ भी वैस ही निभाउंगी…

देखुंगी उसमें अपनी सूरत… लगाउंगी होंठों पर लिपस्टिक और सूनी आंखों को काजल से सजाउंगी

कल ही जाकर बाजार से एक नया आईना घर लाउंगी… एक नया शीशा घर लाउंगी

कलम से : सोनम गुप्ता

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