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भूतों से दो-दो हाथ करने निकला यह शख्स, पर कहीं नहीं मिले भूत

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मुजफ्फरपुर(बिहार): देश में कई स्थान ऐसे हैं जहां आज भी भूत-प्रेतों के किस्से (Ghosts stories ) प्रचलित हैं। इन स्थानों से किसी न किसी किवदंतियों को जोड़ कर भूतों की कल्पना (Imagination of ghosts ) की गई है। फिर चाहे हॉलीवुड सिनेमा हो या बॉलीवुड या टॉलीवुड सबने (No where found of ghosts ) भूतों को खूब भुनाया है। ऐसे ही स्थानों पर बताए गए भूतों को भगाने का काम कर रहे हैं मुज्जफरपुर के जय। दरअसल जय भूतों को लोगों को दिल-दिमाग से भगाने का काम कर रहे हैं। जय कोई तांत्रिक या जादूगर नहीं हैं बल्कि इस तरह के अंधविश्वासों के खिलाफ तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से लोगों को जागरुक करने में जुटे हुए हैं।

युवा जय अलानी और उनकी टीम पिछले करीब दस वर्षों से भूतों की सच्चाई का पर्दाफाश करने में जुटी हुई हैं। जय और उनकी टीम ने बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली तथा महाराष्ट्र के कई जिलों में भूतों का वहम निकालने का काम किया है। ऐसी पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन के जरिए लोगों में व्याप्त भ्रान्ति और अंधविश्वास को दूर करने का काम किया है। जय और उनकी टीम ने ऐसे स्थानों पर कई रातें गुजारी हैं, जहां यह चर्चित था कि इन स्थानों पर भूतों का डेरा है। भूतों के खिलाफ जागरुकता की जंग लड़ रही यह युवा टीम अब तक करीब डेढ़ सौ स्थानों पर अपने विशेष इंवेस्टिगेशन से यह साबित कर चुकी है, इन स्थानों पर लोगों ने व्यर्थ ही मन में भूतों की कल्पना कर रखी है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है।

भानगढ़ सहित कई स्थानों की रिसर्च

राजस्थान के भानगढ़, जैसलमेर के कुलधरा, उत्तराखंड के मसूरी, लोहाघाट में इन्वेस्टिगेशन के दौरान कई रात गुजारना काफी रोमांचक रहा है। कई रात बिताने के बाद पता चला कि कुछ निगेटिव एनर्जी है, जिसे लोग भूत मानते हैं। लेकिन इससे इंसानों को कभी नुकसान नहीं हुआ। जय कहते हैं कि यह लोगों के मन के वहम से अधिक कुछ नहीं। गौरतलब है कि भानगढ़ में भूतों की कल्पना को लेकर एक मूवी भी बन चुकी है।

जय और उनकी टीम जब किसी भूत वाले स्थान का इंवेस्टिगेशन करती है, तब सारे आधुनिक उपकरणों से लैस होती है। मसलन उनके पास 15-20 तरह के इलेक्ट्रोनिक उपकरण होते हैं। इनमें छह तरह के कैमरे, थर्मल कैमरा, नाइट विजन के अलावा इलेक्ट्रो मैगनेटिक फील्ड की रीडिंग, टेम्परेचर के लिए, रेडियो फ्रिक्वेंसी आदि उपकरण साथ रहते हैं। इन उपकरणों से सबूत लेने में आसानी होती है कि भूत नहीं है। इस टीम द्वारा अब किए गए शोध एव रिकार्डिंग में सिर्फ १५ स्थानों पर निगेटिव एनर्जी मिली, उससे भी टीम को कोई नुकसान नहीं हुआ। यह टीम अब तक सौ स्थानों की और करीब डेढ़ सौ केसों की जांच कर चुकी है, पर भूत एक भी स्थान पर नहीं मिले।

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