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अगर टीम इंडिया ने दोहराई इंग्लैंड के खिलाफ यह 3 गलतियां तो तय है भारत की हार

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आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में भारत सफलता के रथ पर सवार है। टूर्नामेंट में टीम ने अभी तक एक भी मैच में हार का मुंह नहीं देखा है। लेकिन लगातार टीम कुछ ऐसी गलतियां कर रही है जिसका उसे बुरा अंजाम झेलना पड़ सकता है। इस बात में कोई दोराह नहीं है कि भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 125 रनों से जीत दर्ज की। लेकिन टीम ने 3 गलियां ऐसी की जिसने उन्हें हार की कगार पर पहुंचा दिया था। अब भारत का अगला मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ 30 जून को खेला जाएगा। यदि जो गलतियां भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ की है उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ दोहराया तो इंग्लैंड के हाथों हार का मुंह देखना पड़ सकता है। तो आइए आपको बताएं भारतीय टीम की वह 3 गलतियां…

केएल राहुल की बल्लेबाजी

भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की इंजरी के कारण टीम से बाहर होने के बाद केएल राहुल रोहित शर्मा का साथ दे रहे हैं। केएल राहुल शुरूआत तो अच्छी करते हैं लेकिन वह आगे बेहद धीमी पारी खेलते हैं जो भारतीय टीम के लिए संकट बन सकती है। इसका बुरा असर उनके साथी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा की पर्फॉर्मेंस पर भी पड़ता हैं। हालांकि केएल राहुल ने बतौर सलामी बल्लेबाज इस टूर्नामेंट में रन तो ठीक-ठाक बनाए हैं लेकिन उसके लिए उन्होंने दोगुनी गेंदे खाई हैं। उनकी धीमी बल्लेबाजी के कारण रोहित शर्मा भी प्रेशर में आ जाते हैं और अपना विकेट खो बैठते हैं। पिछले 2 मुकाबलों में अफगानिस्तान व वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐसा देखने को मिला है।

मिडिल ऑर्डर का खराब प्रदर्शन

इस बात में कोई दोराह नहीं है कि भारत की बल्लेबाज अव्वल दर्जे के हैं। लेकिन हालिया परिस्थितियां बयां कर रही हैं कि भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर फ्लॉप हो रहा है। शिखर धवन के टीम से जाने के बाद केएल राहुल को ओपनिंग करने की जिम्मेदारी दे दी गई। जिसके बाद चौथे नंबर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में ऑलराउंडर विजय शंकर को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। लेकिन वह चौथे नंबर की जिम्मेदारी उठाने में नाकामियाब रहे और 19 गेंदों पर 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। यदि विजय शंकर को इंग्लैंड के खिलाफ भी चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता है तो यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले मैच में की गई अपनी गलती दोहराएगा।

धोनी का स्ट्राइक रोटेट न करना

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे दिग्गज और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यह टूर्नामेंट अभी तक कुछ खास नहीं रहा है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि महेंद्र सिंह धोनी वर्ल्ड बेस्ट फिनिशर और विकेटकीपर हैं। लेकिन इस टूर्नामेंट में धोनी की सबसे बड़ी कमजोरी जो अब तक सामने आई है, वह है स्ट्राइक को कम रोटेट करना और डॉट बॉल अधिक खेलना। वेस्टइंडीज के खिलाफ धोनी ने अपनी 56 रनों की पारी के दौरान पहले 26 रन 45 गेंदों पर बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 57.78 का था। धोनी ने अगले 30 रन 16 गेंदों पर बनाए। तब उनका स्ट्राइक रेट बढ़कर 187.50 का हो गया था।

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